पटना के बारे में जानकारी | All Information About Patna In Hindi

 

information about  patna

पटना,,प्राचीन भारत के मगध साम्राज्य की राजधानी,

पहले इसको पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाता था,आज के समय ये बिहार राज्य का सबसे बड़ा शहर है, और पूर्वी भारत का कोलकाता के बाद दूसरा सबसे बड़ा शहर है

गंगा नदी के किनारे मौजूद ये एक पोर्ट सिटी है, पोर्ट को संस्कृत में पत्तन कहा जाता है, जिसकी वजह से आज इसको पटना कहा जाता है, इसके अलावा भी लोग कई कहानियां बनाते है,जो पटना नाम के इतिहास को बताती है

2011 में लगभग 17 लाख की जनसंख्या के साथ, ये शहर भारत के सबसे अधिक पॉपुलेशन वाले शहरों में 19वे नंबर पर आता था,आज के समय पटना की जनसंख्या बढ़कर 2 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है,

नगर के साथ साथ ग्रामीण जनसंख्या को भी इसमें मिला लिया जाए तो करीब 40 लाख लोग इस महानगर की आत्मा बनकर इसको चला रहे है

इतिहास की तरफ देखे तो ये नगर 490 ईसापूर्व में पाटलिपुत्र के नाम से हरयंका साम्राज्य की राजधानी के रूप शासक उदाईभद्र ने बसाया था,इस नगर को बनाने के लिए इसके संस्थापक ने अपने पिता की हत्या करके इस साम्राज्य को छीना था

ये महानगर करीब 250 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 174 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है, पटना अपने कोचिंग institutes के लिए आज भारत ही नहीं दुनियाभर के लोगो के दिमाग में छपा हुआ है, पूरे बिहार के विद्यार्थी पटना में पढ़कर नौकरी सरकारी बाबू बनना चाहते है

इसी वजह से पटना में 83.37 प्रतिशत लोग पढ़े लिखे है, पटना को बिहार राज्य का सबसे शिक्षित नगर कहा जा सकता है,अच्छे शिक्षित लोगो में जागरूकता होने के कारण यहां का लिंगानुपात भी 1000 पुरुषो पर 980 महिलाओं के साथ अच्छे पायदान पर है


बिहार की यात्रा करते समय अगर आपको सड़क पर BR, 01 नंबर प्लेट वाली गाड़ियां दिख जाए तो समझ जाइए आप पटना महानगर में प्रवेश कर चुके है

पटना के नॉर्थ में हाजीपुर है, जो महात्मा गांधी सेतु से पटना से जुड़ा हुआ है,जिसे दुनिया के सबसे बड़े रोड पुलों में गिना जाता है, पटना की आर्थिक गतिविधियां पश्चिमी हिस्से में ज्यादा है जिस वजह से पटना महानगर दानापुर से मिल गया है

बिहार के दूसरे इलाको के मुकाबले पटना में गर्मी ज्यादा होती है ,महानगर होने के कारण ये नगर कंक्रीट फॉरेस्ट बना हुआ है, जिस वजह से पूरा शहर गर्मी को झेलने को मजबूर है, इसके अलावा पटना गंगा सोन और पुनपुन नदी से घिरा है उत्तर में हाजीपुर के पास बहने वाली गंडक नदी भी गंगा नदी के आकार मिल जाती है

आसपास इतना पानी और गर्मी होने की वजह से इस नगर में ह्यूमिडिटी बहुत ज्यादा हो जाती है, जो गर्मी को और असहनीय बना देता है

अब बात करते है पटना में घूमने की जगह के बारे में

1. गोलघर
ये गोलाघर साल 1770 में इस इलाके में भयंकर अकाल के बाद अनाज को स्टोर करने के लिए बनाया गया ,यह गोलाकार ईमारत अपनी खास आकृति के लिए पॉपुलर है। 1786 में जॉन गार्स्टिन ने इस गोलघर को बनवाया था, उसके बाद से गोलघ‍र पटना शहर का प्रतीक चिह्न बन गया। दो तरफ बनी सीढियों से ऊपर जाकर पास ही बहनेवाली गंगा नदी को देखा जा सकता है।

2. गांधी म्यूजियम:
ये म्यूजियम बाँकीपुर बालिका उच्च विद्यालय के पास में मौजूद है महात्मा गाँधी की यादों से जुड़ी चीजों का नायाब संग्रह इस जगह पर देखा जा सकता है।

3. तख्त श्रीहरमंदिर साहेब जी:
पटना सिखों के दसमें और अंतिम गुरु गोविन्द सिंह की जन्मस्थली है। नवम गुरु श्री तेगबहादुर के पटना में रहने के दौरान गुरु गोविन्दसिंह ने अपने बचपन के कुछ वर्ष पटना सिटी में बिताए थे,यहां गुरु गोबिंद सिंह जी के बचपन का पालना, लोहे के चार तीर, तलवार, और 'हुकुमनामा' गुरुद्वारे में रखा गया है। यह स्थल सिक्खों के लिए देश के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है।

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